Oppo F25 Pro का Display आम तौर पर पहली नज़र में काफी प्रीमियम फील देता है।
लेकिन क्या रोज़मर्रा के इस्तेमाल में यह Screen वाकई अपनी चमक बरकरार रख पाती है?
इस Device को अलग-अलग लाइट्स और सिचुएशन्स में परखने के बाद कई ज़रूरी बातें सामने आई हैं।
देखा जाए तो कागज़ी Specs और असल ज़िंदगी की Performance में हमेशा थोड़ा अंतर होता है।
यही कारण है कि हमने इस Panel की हर एक बारीकी को गहराई से टेस्ट किया है।
हालांकि पहली बार Video देखते समय इसके कलर्स काफी ब्राइट और आकर्षक लगते हैं।
शायद इसी वजह से आम यूज़र्स को इसका Multimedia Experience शुरुआत में काफी पसंद आता है।
बल्कि गहराई से देखने पर ही इसकी असली कमियाँ और खूबियाँ समझ में आती हैं।

Display Hardware & Specs: कागज़ी आंकड़े बनाम हकीकत
इस Smartphone में कंपनी ने एक 6.7-inch का AMOLED Panel इस्तेमाल किया है।
इसके अलावा आपको यहाँ 120Hz Refresh Rate का सपोर्ट भी मिल जाता है।
लेकिन जब हम इसकी तुलना मार्केट के दूसरे Devices से करते हैं, तो असली अंतर साफ़ समझ आता है।
नीचे दी गई Table से आपको इसके Hardware का सही अंदाज़ा हो जाएगा।
| Display Specification | Oppo F25 Pro | Competitor Device |
|---|---|---|
| Screen Size | 6.7-inch | 6.67-inch |
| Panel Type | AMOLED | AMOLED |
| Refresh Rate | 120Hz | 120Hz |
| Resolution | Full HD+ | Full HD+ |
| Screen Protection | Panda Glass | Gorilla Glass 5 |
देखा जाए तो कागज़ पर Specs काफी बेहतरीन नज़र आते हैं।
लेकिन Panda Glass Protection की वजह से स्क्रैच आने का डर थोड़ा ज़्यादा रहता है।
इसलिए आपको इस Screen पर एक अच्छा Screen Guard हमेशा लगाकर रखना चाहिए।
Outdoor Visibility & Brightness: कड़ी धूप में स्क्रीन का इम्तिहान
कड़ी धूप में जब आप इस Phone को लेकर बाहर निकलते हैं, तो इसकी Peak Brightness काफी मददगार साबित होती है।
हालांकि तेज़ सूरज की रोशनी में Text पढ़ने के लिए आपको Brightness को Full पर रखना पड़ेगा।
इसके विपरीत इसका Auto-Brightness Sensor कभी-कभी थोड़ा धीमा काम करता है।
नतीजतन अचानक तेज़ रोशनी में जाने पर Screen को एडजस्ट होने में एक या दो सेकंड का वक्त लगता है।
इसके अलावा अगर आप बाहर काफी देर तक Video Recording करते हैं, तो Phone थोड़ा गर्म होने लगता है।
यही कारण है कि Heating Issue शुरू होते ही Screen की Brightness अचानक Drop हो जाती है।
शायद कड़े आउटडोर कंडीशंस में यह चीज़ आपको थोड़ी परेशान कर सकती है।
Color Calibration & Viewing Angles: कलर्स और एंगल्स की शुद्धता
इस Display की Color Calibration डिफ़ॉल्ट रूप से काफी Vivid सेट की गई है।
नतीजतन कलर्स काफी चटकीले और ओवर-सैचुरेटेड दिखाई देते हैं।
लेकिन अगर आपको नेचुरल टोन पसंद है, तो Settings में जाकर इसे बदलना सही रहेगा।
इसके अलावा अलग-अलग साइड एंगल से देखने पर कलर्स में हल्का सा Shift महसूस होता है।
बल्कि बिल्कुल सामने से देखने पर Viewing Angles काफी क्रिस्प और साफ़ नज़र आते हैं।
नीचे दिए गए चार्ट से आप इसकी क्वालिटी का सटीक अंदाज़ा लगा सकते हैं।
Color Accuracy: [████████░░] 80%
Viewing Angles Quality: [█████████░] 85%
देखा जाए तो रोज़मर्रा के सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग के लिए यह काफी शानदार है।
लेकिन प्रोफेशनल फोटो या वीडियो एडिटिंग के लिए इसके कलर्स पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता।
Multimedia & Content Consumption: मूवीज़ और वीडियो का अनुभव
रात के अंधेरे कमरे में Netflix या Prime Video पर कोई Dark Web Series देखना एक अलग ही मज़ा देता है।
हालांकि यहाँ HDR10+ का सपोर्ट होने के बावजूद Widevine L1 कभी-कभी 4K Streaming में स्मूथ नहीं चलता।
इसके विपरीत डार्क सीन्स में Black Crush की समस्या साफ तौर पर देखी जा सकती है।
यही कारण है कि बहुत ज़्यादा गहरे काले हिस्सों में Details अचानक से गायब हो जाती हैं।
बल्कि ब्राइट और आउटडोर सीन्स वाले Visuals काफी शानदार और क्रिस्प दिखाई देते हैं।
नतीजतन आपका Multimedia Experience मिला-जुला रहने वाला है।
इसके अलावा इसके Single Speaker की वजह से Visuals का पूरा मज़ा थोड़ा कम हो जाता है।
Refresh Rate & UI Smoothness: स्क्रॉलिंग और टच रिस्पॉन्स
इसका 120Hz Refresh Rate स्क्रॉलिंग के समय काफी स्मूथ फील कराता है।
लेकिन जब आप कुछ हैवी Apps या UI के बीच स्विच करते हैं, तो मामूली Frame Rate Drops दिखते हैं।
इसके अलावा आँखों की सुरक्षा के लिए इसमें PWM Dimming दी गई है।
इसलिए कम रोशनी में भी देर तक इस्तेमाल करने पर आँखों में थकान काफी कम होती है।
हालांकि इसका Touch Sampling Rate गेमिंग के दौरान थोड़ा और बेहतर हो सकता था।
नतीजतन बहुत ज़्यादा हैवी Gaming करते समय Touch Response में हल्का सा Latency महसूस हो सकता है।
क्या आज के दौर में भी यह स्क्रीन आपको पसंद आएगी?
लॉन्च के इतने वक्त बाद, आज के दौर में भी क्या इस फोन का डिस्प्ले अपने सेगमेंट में टिक पाता है या नहीं, यह सवाल काफी ज़रूरी है।
इस Panel ने अपने Brightness और Design के मामले में काफी प्रभावित किया है।
लेकिन कुछ सॉफ़्टवेयर कमियाँ और Black Crush की समस्या इसके मज़े को थोड़ा किरकिरा कर देती हैं।
| Display Pros | Display Cons |
|---|---|
| Slim Bezels के साथ Premium Look मिलता है | Single Speaker की वजह से Multimedia मजा कम होता है |
| 120Hz Refresh Rate काफी Smooth चलता है | Black Crush के कारण Dark Details गायब होती हैं |
| Outdoor Brightness इस सेगमेंट में काफी बढ़िया है | Panda Glass की जगह Gorilla Glass होना चाहिए था |
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