Oppo ने अपने इस Display Segment में कुछ अलग करने की कोशिश ज़रूर की है।
देखा जाए तो Oppo K13x Display को लेकर मार्केट में काफी ज़्यादा हाइप बनी हुई है।
लंबे समय के इस्तेमाल के बाद आज भी लोग इसके डिस्प्ले की असल परफॉर्मेंस जानना चाहते हैं।
वर्तमान मार्केट Standards के हिसाब से इस Price Segment में काफी कड़ा कॉम्पिटिशन देखने को मिलता है।
इसलिए आज हम इस Screen की असलियत का बिना किसी पक्षपात के रिव्यू करेंगे।
शायद आपको कागज़ी स्पेसिफिकेशन्स देखकर यह पैनल बहुत शानदार लगे।
लेकिन रियल लाइफ यूसेज में कहानी थोड़ी अलग हो जाती है।

Display Hardware & Specs: कागज़ी आंकड़े बनाम हकीकत
इस Smartphone में 6.72-inch की Full HD+ LCD Screen दी गई है।
हालांकि इस बजट में कई ब्रांड्स AMOLED Panel भी ऑफर कर रहे हैं।
यही कारण है कि LCD Panel का नाम सुनकर थोड़े यूज़र्स निराश हो सकते हैं।
इसके अलावा यह स्क्रीन 120Hz Refresh Rate को सपोर्ट करती है।
नतीजतन स्क्रॉलिंग के दौरान आपको स्मूथनेस काफी बढ़िया महसूस होने वाली है।
| Display Specification | Oppo K13x | Competitor Phone |
|---|---|---|
| Screen Size | 6.72-inch | 6.67-inch |
| Panel Type | LCD Panel | AMOLED Panel |
| Refresh Rate | 120Hz | 120Hz |
| Peak Brightness | 1000 Nits | 1200 Nits |
| Resolution | Full HD+ | Full HD+ |
Outdoor Visibility & Brightness: कड़ी धूप में स्क्रीन का इम्तिहान
कंपनी का दावा है कि इसकी Peak Brightness लगभग 1000 Nits तक जाती है।
देखा जाए तो इनडोर कंडीशन में यह Screen काफी ब्राइट और क्रिस्प दिखाई देती है।
लेकिन जैसे ही आप सीधी और कड़ी धूप में बाहर जाते हैं, मुश्किलें शुरू हो जाती हैं।
सड़क पर चलते हुए टेक्स्ट पढ़ने में आपको अपनी आँखें थोड़ी सिकोड़नी पड़ेंगी।
इसके विपरीत इसका Auto-Brightness Sensor कभी-कभी बहुत धीरे रिस्पॉन्स करता है।
नतीजतन तेज धूप में ब्राइटनेस लेवल तुरंत मैक्सिमम पर नहीं पहुँच पाता है।
इसके अलावा थोड़ी देर बाहर गेमिंग करने पर फोन में Heating Issue दिखने लगता है।
शायद इसी वजह से डिस्प्ले अपनी Brightness Drop कर देता है ताकि फोन ब्लास्ट न हो।
Color Calibration & Viewing Angles: कलर्स और एंगल्स की शुद्धता
सॉफ्टवेयर आउट ऑफ द बॉक्स कलर्स को थोड़ा Vivid या कहें Over-saturated दिखाता है।
यही कारण है कि लाल और हरे कलर्स स्क्रीन पर थोड़े ज़्यादा भड़कीले नज़र आते हैं।
अगर आपको Natural Colors पसंद हैं, तो आपको Settings में जाकर Calibration बदलना होगा।
इसके अलावा LCD Panel होने के कारण इसके Viewing Angles बहुत बेहतरीन नहीं कहे जा सकते।
जब आप फोन को थोड़ा तिरछा करके देखते हैं, तो कलर्स हल्के से फेड होने लगते हैं।
बल्कि स्क्रीन के किनारों पर आपको हल्का सा Shadow Effect भी साफ़ नोटिस होगा।
Color Accuracy: [████████░░] 80%
Viewing Angles Quality: [███████░░░] 70%
Multimedia & Content Consumption: मूवीज़ और वीडियो का अनुभव
इस डिवाइस में Widevine L1 का सपोर्ट दिया गया है।
इसलिए आप Netflix और Prime Video पर Full HD Content आसानी से देख सकते हैं।
लेकिन यहाँ HDR10+ या Dolby Vision का कोई भी सपोर्ट देखने को नहीं मिलता है।
यही कारण है कि हाई-डायनेमिक रेंज वाले वीडियो प्ले करने पर वो विजुअल पंच नहीं मिलता।
देखा जाए तो अंधेरे कमरे में वेब सीरीज़ देखते समय Black Crush की समस्या साफ दिखती है।
नतीजतन डार्क सीन्स में बैकग्राउंड की डीटेल्स पूरी तरह से गायब हो जाती हैं।
शायद एक IPS LCD Panel से इससे बेहतर की उम्मीद करना भी बेमानी होगा।
Refresh Rate & UI Smoothness: स्क्रॉलिंग और टच रिस्पॉन्स
दैनिक इस्तेमाल में इसका 120Hz Refresh Rate काफी कंसिस्टेंट परफॉर्म करता है।
App Switching और सोशल मीडिया फीड्स स्क्रॉल करते समय UI Smoothness बेहतरीन रहती है।
इसके अलावा इसका Touch Sampling Rate भी गेमिंग के दौरान अच्छा रिस्पॉन्स देता है।
आँखों की सुरक्षा के लिए इसमें बेसिक आई-केयर मोड्स तो मिल जाते हैं।
लेकिन AMOLED की तरह इसमें एडवांस PWM Dimming टेक्नोलॉजी देखने को नहीं मिलती।
नतीजतन रात के अंधेरे में कम ब्राइटनेस पर देर तक पढ़ने से आँखों पर थोड़ा स्ट्रेस आ सकता है।
क्या मौजूदा दौर में इस स्क्रीन पर पैसा लगाना सही है?
लॉन्च के इतने समय बाद भी यह डिस्प्ले रोज़मर्रा के कामों को अच्छे से संभाल लेता है।
लेकिन अगर आपकी प्रायोरिटी सिर्फ बेस्ट विजुअल और मूवी एक्सपीरियंस है, तो यह निराश कर सकता है।
| Display Pros | Display Cons |
|---|---|
| 120Hz Refresh Rate बहुत स्मूथ काम करता है। | LCD Panel के कारण Deep Blacks नहीं मिलते। |
| इनडोर में Brightness काफी शानदार है। | Outdoor Visibility धूप में थोड़ी कमज़ोर है। |
| Full HD+ Resolution में टेक्स्ट बहुत शार्प दिखता है। | HDR10+ और Dolby Vision का सपोर्ट मिसिंग है। |
| Screen Size बड़ा होने से रीडिंग आसान होती है। | Viewing Angles में कलर्स थोड़े फेड हो जाते हैं। |
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