जब बात एक बेहद बुनियादी Price Segment वाले Hardware की आती है, तो अमूमन कंपनियां सबसे पहला समझौता विजुअल कंपोनेंट्स पर ही करती हैं।
वर्तमान Market Standards के हिसाब से यह देखना काफी दिलचस्प हो जाता है कि Samsung Galaxy A05 का यह बड़ा स्क्रीन सेटअप किस हद तक टिक पाता है।
देखा जाए तो इस बजट रेंज में यूज़र्स को बड़ी स्क्रीन का लालच देना एक पुराना ट्रेंड रहा है।
हालांकि, क्या केवल एक बड़ा Panel होने से ही बेहतरीन Multimedia Experience मिल जाता है, यह एक बड़ा सवाल है।
इस स्मार्टफोन में कंपनी ने 6.7 inches की स्क्रीन दी है, जो पहली नज़र में काफी बड़ी और आकर्षक लगती है।
लेकिन गहराई से देखने पर इस डिस्प्ले की असल कमियां और तकनीकी समझौते साफ नजर आने लगते हैं।
यही कारण है कि आज हम कागजी आंकड़ों से इतर इसकी वास्तविक स्क्रीन परफॉर्मेंस का एक क्रूरता से ईमानदार टेस्ट करने वाले हैं।

Display Hardware & Specs: कागज़ी आंकड़े बनाम हकीकत
तकनीकी तौर पर देखें तो Samsung Galaxy A05 में एक PLS LCD Panel दिया गया है।
इसके अलावा यह स्क्रीन केवल HD+ Resolution के साथ आती है, जो 720 x 1600 Pixels का आउटपुट जेनरेट करती है।
इस बड़े 6.7 inches के डिस्प्ले साइज़ पर केवल HD+ Resolution होना आज की तारीख में भी थोड़ा खटकता है।
नतीजतन, अगर आप स्क्रीन को बहुत पास से देखते हैं, तो आपको Pixels साफ तौर पर नोटिस हो सकते हैं।
टेक्स्ट और बारीक फॉन्ट में वो क्रिस्पनेस बिल्कुल गायब रहती है, जिसकी उम्मीद एक मॉडर्न यूजर को होती है।
शायद यही वजह है कि इसकी Pixel Density केवल 262 PPI के आसपास ही सिमट कर रह जाती है।
रिफ्रेश रेट के मामले में भी यहां कोई चमत्कार नहीं मिलता है, बल्कि यह स्क्रीन स्टैंडर्ड 60 Hz Refresh Rate पर ही काम करती है।
इसके विपरीत, इसी प्राइस ब्रैकेट में आने वाले कई कॉम्पिटिटर्स अब 90 Hz या उससे बेहतर स्क्रीन देने का दावा करते हैं।
इस हार्डवेयर को बेहतर ढंग से समझने के लिए नीचे दी गई तुलनात्मक डेटा टेबल को देखें:
| Display Feature | Samsung Galaxy A05 | Competitor Segment Standard |
|---|---|---|
| Screen Size | 6.7 inches | 6.5 inches |
| Panel Type | PLS LCD Display | IPS LCD Screen |
| Resolution | HD+ (720 x 1600) | Full HD+ (1080 x 2400) |
| Refresh Rate | 60 Hz | 90 Hz / 120 Hz |
| Pixel Density | ~262 PPI | ~395 PPI |
| Notch Style | Waterdrop Notch | Punch-hole Display |
Outdoor Visibility & Brightness: कड़ी धूप में स्क्रीन का इम्तिहान
कड़ी धूप में घर से बाहर निकलते ही इस डिस्प्ले की असली परीक्षा शुरू हो जाती है।
कंपनी के मुताबिक इसकी Peak Brightness आउटडोर कंडीशंस में ठीक-ठाक काम करनी चाहिए।
लेकिन व्यावहारिक इस्तेमाल में जब सीधे सूरज की रोशनी स्क्रीन पर पड़ती है, तो कंटेंट को पढ़ पाना काफी मुश्किल हो जाता है।
इसके ऑटो-ब्राइटनेस सेंसर की ट्यूनिंग भी काफी सुस्त महसूस होती है, जिससे ब्राइटनेस लेवल तुरंत एड्जस्ट नहीं होता।
देखा जाए तो तेज़ धूप में Multimedia या टेक्स्ट मैसेज पढ़ते समय आपको अपनी आंखें सिकोड़नी ही पड़ती हैं।
इसके अलावा, अगर आप फोन को लगातार आउटडोर में इस्तेमाल करते हैं, तो हीटिंग के कारण ब्राइटनेस तेज़ी से DROP होने लगती है।
यह थर्मल थ्रॉटलिंग स्क्रीन की विजिबिलिटी को और भी ज़्यादा कमजोर बना देती है।
नतीजतन, तेज धूप वाले दिनों में बिना हाथ की ओट लगाए आप इस पर कोई भी काम आसानी से नहीं कर पाएंगे।
Color Calibration & Viewing Angles: कलर्स और एंगल्स की शुद्धता
कलर ट्यूनिंग की बात करें तो इस PLS LCD Panel में कलर्स थोड़े फीके या यू कहें कि Under-saturated दिखाई देते हैं।
इसमें वो वाइब्रेंसी और डीप कलर्स बिल्कुल नहीं मिलते, जो हमें अमूमन AMOLED या हाई-एंड स्क्रीन पर देखने की आदत है।
हालांकि, आम रोज़मर्रा के काम जैसे WhatsApp स्क्रॉलिंग या नॉर्मल वेब ब्राउज़िंग में यह कलर्स ठीक काम कर जाते हैं।
लेकिन जैसे ही आप फोन को किसी एंगल से टिल्ट करके देखते हैं, विजुअल शिफ्ट साफ नजर आता. है।
इसके Viewing Angles काफी सीमित हैं, जिससे साइड से देखने पर स्क्रीन पर कलर्स काफी वॉश-आउट हो जाते हैं।
इस डिस्प्ले के वास्तविक कलर्स और एंगल्स की शुद्धता का सटीक पैमाना नीचे दिए गए टेस्ट चार्ट में देखा जा सकता है:
Color Accuracy: [████████░░░░░░░░░░] 45%
Viewing Angles Quality: [█████████░░░░░░░░░] 50%
Multimedia & Content Consumption: मूवीज़ और वीडियो का अनुभव
अगर आप Netflix या YouTube पर लंबी मूवीज़ और वेब सीरीज देखने के शौकीन हैं, तो यह अनुभव मिला-जुला रहेगा।
इस स्मार्टफोन में Widevine L1 का सपोर्ट तो दिया गया है, जिससे आप HD Content Consumption आसानी से कर सकते हैं।
हालांकि, यहाँ HDR10+ या Dolby Vision जैसे किसी भी हाई-डायनेमिक रेंज सर्टिफिकेशन का सपोर्ट पूरी तरह से नदारद है।
यही कारण है कि हाई-क्वालिटी वीडियो प्लेबैक के दौरान भी वो विजुअल पंच महसूस नहीं होता।
सबसे बड़ी समस्या डार्क सीन्स में आती है, जहां Black Crush का इशू साफ तौर पर देखने को मिलता है।
अंधेरे कमरे में वीडियो देखते समय डार्क या ब्लैक एरियाज़ में कोई बारीक डिटेल्स दिखाई नहीं देतीं, बल्कि वो एक मटमैला सा पैच बन जाती हैं।
इसलिये, गंभीर सिनेमा लवर्स के लिए यह स्क्रीन एक बहुत ही साधारण विजुअल एक्सपीरियंस ही डिलीवर कर पाती है।
Refresh Rate & UI Smoothness: स्क्रॉलिंग और टच रिस्पॉन्स
इस डिवाइस में स्टैंडर्ड 60 Hz Refresh Rate ही मिलता है, जो आजकल के यूज़र्स को थोड़ा धीमा लग सकता है।
अगर आप एक स्मूद 90 Hz या 120 Hz स्क्रीन से इस पर स्विच कर रहे हैं, तो आपको UI में लैग और जिटर साफ महसूस होगा।
विशेष रूप से, भारी ऐप्स या सोशल मीडिया फीड्स को तेज़ी से स्क्रॉल करते समय स्क्रीन में थोड़ी सुस्ती दिखाई देती है।
टच रिस्पॉन्स की बात करें तो इसका Touch Sampling Rate सामान्य काम के लिए तो बिल्कुल पर्याप्त है।
लेकिन फास्ट-पेस्ड Gaming के दौरान यह टच इनपुट को रजिस्टर करने में आंशिक रूप से Latency दिखाता है।
इसके अलावा, आँखों की सुरक्षा के लिए इसमें कोई एडवांस PWM Dimming तकनीक भी नहीं दी गई है।
नतीजतन, कम रोशनी में लंबे समय तक स्क्रीन को देखने से आंखों पर थोड़ा तनाव या थकान महसूस हो सकती है।
क्या मौजूदा दौर में इस डिस्प्ले पर पैसा लगाना सही है?
| Display Pros | Display Cons |
|---|---|
| 6.7 inches का काफी बड़ा Form Factor मिलता है | केवल HD+ Resolution के कारण Pixels नजर आते हैं |
| Normal UI यूसेज में बैटरी बैकअप काफी बचाता है | 60 Hz Refresh Rate के कारण स्क्रॉलिंग स्मूद नहीं है |
| Widevine L1 सपोर्ट से HD Streaming संभव है | Outdoor Brightness कड़ी धूप में काफी कमजोर पड़ती है |
| बेकएंड पैनल ट्यूनिंग रोज़मर्रा के कामों के लिए ठीक है | डार्क सीन्स में Black Crush की समस्या साफ दिखती है |
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